सूरत. उत्तर भारतीय समाज के लोकपर्व छठ पूजा की शुरुआत शुक्रवार को नहाय-खाय के साथ हो गई। चार दिवसीय महापर्व के दौरान सूरत समेत दक्षिण गुजरात में हजारों-लाखों श्रद्धालु भगवान सूर्यदेव व छठी मइया को भक्तिभाव के साथ मनाएंगे। महापर्व की तैयारियां श्रद्धालुओं समेत छठ पूजा के विभिन्न आयोजक व संस्थाओं ने भी पूरी कर ली है।‘नहाय-खाय’ के साथ शुक्रवार से शुरू हुए छठ महापर्व के तीसरे दिन भगवान सूर्यदेव को अर्घ्य देने की परम्परा है। बिहार और पूर्वी उत्तरप्रदेश में मनाए जाने वाले छठ पर्व की लोक परम्परा शहर व गुजरात में बसे उत्तर भारतीय समाज में ज्यों की त्यों बनी हुई है। शहर में तापी नदी के विभिन्न घाटों के अलावा विभिन्न तालाबों पर पूजा आयोजक संगठनों की ओर से साफ-सफाई, पानी-रोशनी के अलावा पूजा सामग्री की भी व्यवस्था की गई है। नहाय-खाय के बाद शनिवार को हजारों व्रती 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू करेंगे। सभी व्रती निर्जला उपवास का पारणा सोमवार सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद ही करेंगे। शनिवार को खरना के बाद व्रतियों से आशीर्वाद और प्रसाद ग्रहण करने की परंपरा का निर्वाह भी शहर के गोडादरा, डिंडोली, पांडेसरा, खरवासा, कतारगाम, वेडरोड-डभोली, जहांगीरपुरा, पार्ले प्वाॅइंट समेत अन्य क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की ओर से किया जाएगा। इस दौरान व्रती के हाथ की बनी रोटी और खीर का प्रसाद लोगों के बीच बांटा जाएगा।
- घाट-किनारों पर तैयारियां पूरी :
रविवार अस्ताचलगामी व सोमवार उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के लिए विभिन्न संगठनों की ओर से तापी के विभिन्न घाट व तालाब किनारे व्यवस्थाएं की जा रही है। इसमें श्रीछठ पूजा सेवा समिति ने नानपुरा में नावड़ी घाट, समस्त बिहार-झारखण्ड समाज ट्रस्ट ने पार्ले प्वॉइंट के पास अंबिका निकेतन, श्रीछठ मानव सेवा ट्रस्ट ने डिंडोली में छठ सरोवर तथा श्री सार्वजनिक छठ पूजा समिति ने कराड़वा तालाब के निकट तैयारियां तेज कर दी है। इन सभी स्थलों पर आयोजक संस्थाओं के सैकड़ों कार्यकर्ता तैयारियों में व्यस्त हैं। - तापी किनारे बनाए पूजा मंदिर :
बिहार विकास परिषद की ओर से छठ महापर्व के लिए जहांगीरपुरा में इस्कॉन मंदिर के पीठे तापी आरती छठ घाट व डभोली छठ घाट पर तैयारियां की गई है। दोनों घाट के संयोजक संजय प्रसाद सिंह व देवेंद्र उपाध्याय ने बताया कि रविवार को अस्ताचलगामी व सोमवार को उषा सूर्य को अर्घ्य देने के लिए घाट पर हजारों श्रद्धालु पहुंचेंगे। उनके लिए सभी तरह की व्यवस्थाएं महानगरपालिका प्रशासन के साथ मिलकर पूरी की गई है। परिषद के सैकड़ों कार्यकर्ता महापर्व में सक्रिय रहेंगे। - वेसू क्षेत्र में पहली बार सूर्यदेव को अर्घ्य :
छठ महापर्व पर वेसू क्षेत्र में पहली बार छठ पूजा का आयोजन वेसू वेलफेयर एसोसिएशन की देखरेख में किया जाएगा। एसोसिएशन के अध्यक्ष कृष्ण शर्मा व सचिव रमेश छापडि़या ने बताया कि वेसू में मनपा प्रशासन के सहयोग से छठ पूजा के लिए कृत्रिम तालाब नंदिनी-3 के सामने एसएमसी ग्राउंड पर बनाया गया है। रविवार शाम 5 बजे से व सोमवार सुबह 6 बजे से यहां सैकड़ों श्रद्धालु सूर्यदेव को अर्घ्य समर्पित करेंगे। यहां जारी तैयारियों में एसोसिएशन के अनुपम जगनानी, विमल जैन, मनीष जगनानी समेत कई सदस्य सक्रिय हैं। - नदी किनारे तन गए शामियाने :
वेडरोड क्षेत्र में तापी किनारे वियर-कम-कॉजवे पर बिहार विकास मंडल की ओर से तैयारियां जारी है। मंडल के प्रभुनाथ यादव ने बताया कि नदी किनारे व्रतियों व अन्य श्रद्धालुओं के लिए शामियाने के अलावा पूजा मंदिर, साफ-सफाई, रोशनी, पानी आदि की व्यवस्था जोर-शोर से की जा रही है। छठ महापर्व की पूजा के दौरान कई आमंत्रित मेहमान भी यहां मौजूद रहेंगे। उधर, डिंडोली में स्थित श्रीछठ सरोवर के चारों तरफ भी छठ पूजा की तैयारियां आयोजक श्रीछठ मानव सेवा ट्रस्ट की ओर से की जा रही है।
