केरल में एक अदालत ने कोच्चि बम विस्फोट मामले में एकमात्र आरोपी को सोमवार को 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। प्रधान सत्र अदालत के न्यायाधीश हनी एम. वर्गीज ने डोमिनिक मार्टिन को 10 की हिरासत के अनुरोध वाली पुलिस की याचिका को स्वीकार कर लिया।
केरल के एर्नाकुलम के कलामसेरी में 29 अक्तूबर को एक धार्मिक सम्मेलन में ‘यहोवा के साक्षी’ प्रार्थना सभा के दौरान हुए विस्फोट में चार लोगों की मौत हो गई थी और 50 से अधिक लोग घायल हो गए थे। इस मामले में मार्टिन नामक शख्स ने आत्मसमर्पण किया था।
पुलिस ने अदालत से कहा कि उन्हें आरोपी व्यक्ति की आय के स्त्रोत, अंतरराष्ट्रीय संपर्क एवं अन्य संबंधित मामलों में पूछताछ की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि साक्ष्य जुटाने के लिए आरोपी को निश्चित स्थानों पर ले जाया जाएगा। वहीं, मार्टिन ने एक बार फिर कानूनी सहायता के लिए वकील की मदद लेने से इनकार कर दिया।
इससे पूर्व 31 अक्तूबर को मार्टिन को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 (हत्या के लिए दंड) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा तीन के अलावा गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) की संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं।
क्या है मामला?
कलामसेरी पुलिस के मुताबिक, धमाका उस वक्त हुआ, जब कई लोग कन्वेंशन सेंटर में प्रार्थना सभा के लिए जुटे थे। पहला धमाका सुबह नौ बजे के करीब हुआ। अगले कुछ मिनटों में एक और धमाका हुआ। कन्वेंशन सेंटर में यहोवा के साक्षियों का क्षेत्रीय सम्मेलन हो रहा था। प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि यह एक आईईडी उपकरण है और इसकी जांच की जा रही है।
संगठन की शिक्षाएं देशद्रोही: मार्टिन
व्यक्ति ने खुद के यहोवा के साक्षी ईसाई धार्मिक समूह का अनुयायी होने का भी दावा किया है। इस समूह की स्थापना 19वीं शताब्दी में अमेरिका में हुई थी। व्यक्ति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो संदेश भी डाला। विभिन्न टीवी चैनलों पर प्रसारित वीडियो में उसने आरोप लगाया कि उसने ऐसा इसलिए किया क्योंकि संगठन की शिक्षाएं देशद्रोही थीं।
व्यक्ति ने कहा कि छह साल पहले उसने महसूस किया कि यह संगठन गलत रास्ते पर है और उसकी शिक्षाएं राष्ट्र-विरोधी हैं। उसने समूह से कई बार सुधार करने को कहा। हालांकि, वे ऐसा करने के लिए तैयार नहीं थे। मार्टिन ने यह भी दावा किया कि वह सालों पहले यहोवा के साक्षियों के साथ जुड़ा था। शख्स ने कहा कि सभी को बम धमाकों और उसके बाद हुए गंभीर नतीजों के बारे में पता चल गया होगा।
