मान्यता है कि वैद्य और गुरु यदि डर या लोभ के वशीभूत ठकुर सुहाती कहते हैं तो राज्य, शरीर और धर्म का नाश शीघ्र हो जाता है। और आजकल यही हो रहा है। सब चाटुकारिता में लीन हैं। कई लोगों के तलवे इतने चाटे जाते हैं कि घिस जाते होंगे पर चाटने वालों की जीभ ज्यों की त्यों बरकरार रहती है। असल में जब जीभ को मलाई खाने की लत लग जाये तो फिर तलवे चाटने से परहेज़ खत्म हो जाता है। लगता है कि चमचों को तलवे चाटते देखकर कुछ कुत्ते हैरानी में जरूर पड़ जाते होंगे। चमचे से कड़छी बनने की प्रक्रिया कठिन जरूर है पर इस ख्वाहिश में अपना सब कुछ दांव पर लगाने वाले सफलता को चूम ही लेते हैं। सब जानते हैं कि चमचा जिस बर्तन में रहता है, खाली कर देता है। फिर भी चमचागिरी करवाना किसी को अप्रिय नहीं लगता। तलवे चाटने वालों से सचेत रहना भी बहुत जरूरी है, वरना वे ऐसा वार करते हैं कि पैरों तले की ज़मीन भी खिसक सकती है।
आज के आरएलजी प्रोडक्शन के इस वीडियो में स्टैंड आप कॉमेडियन बी आशीष चमचों से सावधान रहने की हिदायत कैसे देते हैं, उसके लिए ये वीडियो देखें।
