Surat Municipal Corporation: यूं तो स्पीड ब्रेकर वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए होते हैं, लेकिन सूरत में पुणे इलाके में रेशमा सर्कल के पास बने स्पीड ब्रेकर से दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। यहां स्पीड ब्रेकर तो बना दिया गया है, लेकिन नगर पालिका उस पर सफेद पट्टी लगाना भूल गई है, ताकि स्पीड ब्रेकर दिखाई दे सके। इस कारण स्पीड ब्रेकर लगातार दुर्घटनाओं को न्यौता दे रहे हैं।
सिर्फ यही नहीं यहां स्पीड ब्रेकर इतना बड़ा है कि वाहन चालक गुजरते ही उछलकर सड़क से टकरा जाता है। इससे न सिर्फ हड्डियां टूटती हैं, बल्कि जान जाने का भी खतरा रहता है। यहां सबसे ज्यादा खतरा रात के समय होता है। क्योंकि रात के समय इस स्पीड ब्रेकर पर वाहन चालक को नजर पड़ने की संभावना नहीं रहती है। दुपहिया वाहन चालक चपेट में आए बिना नहीं बच पाता। सुरक्षा की दृष्टि से बनाए गए ब्रेकर यहां से गुजरने वाले हर दो पहिया व चार पहिया वाहनों को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
हादसे के कई सी.सी.टी.वी
इस स्पीड ब्रेकर से लोगों के टकराने के कई सीसीटीवी सामने आए हैं। दोपहिया वाहन चलाते समय लोगों को सबसे ज्यादा चोट लगती है और अगर उसी समय पीछे से कोई बड़ा वाहन आ जाए तो उसके पलटने और कोई बड़ी जानहानी होने की पूरी आशंका बनी रहती है।
क्या लोगों को सफेद रंग खुद ही करना पड़ेगा ?
कुछ समय पहले यहां एक रिक्शा भी पलट गया था। रिक्शा में सवार लोगों समेत चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। मनपा को हो रही इन हलचलों का शोर सुनाई देने का नाम नहीं ले रहा है। वह गहरी नींद में सो गई है और यहां लोगों की हड्डियां टूट रही हैं। स्पीड ब्रेकर बनने के बाद उसे मानो भूल ही गए हैं।
दो माह में 50 से अधिक दुर्घटनाएं
दो माह के भीतर 50 से अधिक हादसों का दावा किया जा रहा है। कुछ इतने गंभीर थे कि चोट स्थायी हो सकती थी। स्थानीय व्यापारी शिकायत करते-करते थक गए, लेकिन नगर पालिका के कानों तक शिकायत नहीं पहुंची।
