नाबालिगों को झूठे सपने दिखाकर अपराध के दलदल में धकेला जा रहा है। पुलिस ने किराए के वाहन को हड़प कर हत्या व लूट में उनका उपयोग करने वाली गैंग के सात बदमाशों को बुधवार रात को गिरफ्तार किया। इनसे पूछताछ की गई तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। इन बदमाशों ने बताया कि उनकी गैंग में नाबालिग भी शामिल हैं। जिन्हें गैंग के बदमाश हथियार चलाने की भी ट्रेनिंग दी जाती है। पुलिस ने इन सात बदमाशों को गिरफ्तार करने के साथ ही दो नाबालिगों को भी निरुद्ध किया है।
इस गैंग के कई बदमाशों का रोहित गोदारा गैंग से सम्पर्क सामने आए हैं। इस गैंग के बदमाश गैंगस्टर रोहित गोदारा का नाम लेकर वसूली करते हैं। पुलिस पूछताछ में इस हनी गैंग की ओर से नाबलिगों के फंसाने की बात भी सामने आई है। दरअसल, पिछले दिनों उद्योग नगर थाने में वाहनों को हड़पने का मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने बुधवार देर रात सात आरोपियों को गिरफ्तार व दो नाबालिगों को निरुद्ध किया है। यह गैंग सीकर, झुंझुनूं, चूरू व हरियाणा के बॉर्डर इलाकों में अधिक सक्रिय है। पुलिस ने इस मामले में गैंग के सदस्य चूरू निवासी करतार सिंह, हरियाणा निवासी योगेश, झुंझुनूं निवासी राकेश उर्फ हनी, कांसली निवासी सुनील कुमार और प्रकाश उर्फ ओम प्रकाश, सीकर निवासी जुबेर बहलीम व यश स्वामी को गिरफ्तार किया है।
सीकर पुलिस की गिरफ्त में सात बदमाश। इनके गैंगस्टर रोहित गोदारा से जुड़े होने की भी पुष्टि हुई है।
किराए पर ले गए गाड़ी, फिर मांगी रंगदारी
गत 13 अक्टूबर को लक्ष्मणगढ़ निवासी अक्षत ने रिपोर्ट दी कि वह टिफिन सेंटर चलाने के साथ वाहन किराए पर देता है। 10 अक्टूबर को झीगर छोटी निवासी चंद्रपाल उर्फ प्रिंस व कांसली निवासी सुनील दो दिन के लिए जीप किराए पर ले गए। 11 अक्टूबर को उन्होंने जीप पर लगा जीपीएस हटा दिया और 12 अक्टूबर को वापस गाड़ी देने के लिए धोद रोड पर बुलाया। उन्होंने खुद को गैंगस्टर रोहित गोदारा का आदमी बताते हुए पांच लाख रुपए की रंगदारी मांगी। इस पर अक्षत ने सदर थाने में रिपोर्ट कराई थी।
