Delhi-Mumbai Expressway : दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर 120 किलोमीटर प्रतिघंटे से अधिक की स्पीड से वाहन चलाने वाले सावधान हो जाएं। तय स्पीड से अधिक होते ही ऑनलाइन चालान हो जाएगा। एक्सप्रेस-वे पर व्हीकल स्पीड डिडक्शन सिस्टम (वीएसडीएस) विकसित कर दिया गया है। स्पीड अधिक होते ही एनएचएआई के कंट्रोल रूम में जानकारी आएगी।
10 किमी के अंतराल पर सिस्टम विकसित
वहां से सीधे जानकारी ट्रैफिक पुलिस के पास पहुंचेगी और चालान कर दिया जाएगा। बुधवार शाम से वीएसडीएस चालू हो गया। पहला चालान जिस वाहन का किया गया उसकी स्पीड 140 किमी थी। साथ-साथ वाहन चालकों को जागरूक भी किया जाएगा ताकि वे अधिक स्पीड से वाहन न चला सकें। 10 किलोमीटर के अंतराल पर सिस्टम विकसित किया गया है। ऐसे में स्पीड बढ़ते ही कहीं न कहीं सिस्टम की पकड़ में वाहन आ जाएंगे।
250 की स्पीड से दौड़ा रहे वाहन
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा दिल्ली-मुुंबई एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की अधिकतम स्पीड 120 किलोमीटर प्रतिघंटा निर्धारित है, लेकिन 250 किलोमीटर प्रतिघंटे तक की स्पीड से वाहन दौड़ रहे हैं। अधिकतर वाहन निर्धारित स्पीड से अधिक स्पीड में दौड़ रहे हैं। इस वजह से हर पल हादसा होने की आशंका बनी रहती है।
इसे ध्यान में रखकर वीएसडीएस विकसित किया गया है। इसका कंट्रोल रूम में गांव अलीपुर में है। कंट्रोल रूम से ट्रैफिक पुलिस के कंट्राेल रूम को जोड़ दिया गया है। इससे अब 120 किमी से अधिक स्पीड होते ही जानकारी ट्रैफिक कंट्रोल रूम में पहुंच जाएगी। जानकारी मिलते ही आनलाइन चालान कर दिया जाएगा। उम्मीद है इससे वाहन चालकों के ऊपर लगाम लग जाएगी।
