कानपुर. भूकंप एक प्राकृतिक आपदा है यह बात तो सभी जानते हैं, लेकिन यह बार-बार क्यों आता है? यह जानने वाली बात है। आने वाले समय में भूकंप के और तेज झटके यूपी में महसूस किए जाएंगे। यूपी में भूकंप के हाई रिस्क जोन पर 61 जिले हैं।
मंगलवार को दो भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसका केंद्र नेपाल का बझांग था। पहला भूकंप 5.3 तीव्रता का था तो वहीं, दूसरा झटका 6.2 तीव्रता का था। यूपी में इसकी तीव्रता 5.5 रही। आईआईटी कानपुर के प्रो. जावेद मलिक का दावा है कि आने वाले समय में यूपी में इससे भी तेज भूकंप के झटके महसूस किए जाएंगे। इसके लिए हम सभी को तैयार रहना है। पहली चीज तो यह है कि यूपी में कभी भूकंप नहीं आता है। यहां पर सिर्फ भूकंप के झटकों को महसूस किया जाता है।
खास तौर से ऊंची बिल्डिंगों को ज्यादा नुकसान पहुंचेगा। जिन बिल्डिंग की पार्किंग खुले में बनी होती हैं और पिलर के सहारे बिल्डिंग खड़ी की जाती है। उन बिल्डिंग को ज्यादा खतरा होता है, लेकिन जिन बिल्डिंग की पार्किंग अंडरग्राउंड होती है। उन बिल्डिंग को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचता है। अंडरग्राउंड पार्किंग में चारों तरफ दीवारें खड़ी रहती हैं। उसके सहारे ऊपर बिल्डिंग बनाई जाती है। लेकिन, जो ओपन पार्किंग होती है वहां पर केवल पिलर के सहारे पूरी बिल्डिंग खड़ी होती है। इसलिए उनमें ज्यादा खतरा मंडराता है, जब भूकंप आता है, तो उससे दो प्रकार की वेब उत्पन्न होती है। हाई फ्रिक्वेंसी वेव व लो फ्रिक्वेंसी वेव। हाई फ्रिक्वेंसी वेव ज्यादा दूर तक नहीं जा पाती है। उनकी क्षमता कम होती है, लेकिन लो फ्रिक्वेंसी वाली वेब काफी दूर तक जाती है।