
अकोला. महाराष्ट्र का सियासी माहौल बेहद तनावपूर्ण होता जा रहा है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के काफिले पर राज ठाकरे सुपारी फेंके जाने के बाद उद्धव के काफीले पर नारियल और गोबर फेंके जाने की घटना शनिवार को घट चुकी है। लेकिन राज्य का सुरक्षा तंत्र अभी भी उदासीन बना हुआ है। ऐसा अकोला में उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सुरक्षा के मामले में देखने को मिला। रविवार को फडणवीस की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई है।
अकोला में भाजपा की जिला विस्तारित कार्यकारिणी की आमसभा आयोजित की गई थी। उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में इस दीक्षांत समारोह का आयोजन डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय के दीक्षांत कक्ष में किया गया था। इसमें जिले के पांच हजार से अधिक पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए। सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को लगा कि कार्यक्रम खत्म होने के बाद फडणवीस कृषि विश्वविद्यालय के अतिथिगृह में जाएंगे। जबकि फडणवीस नागपुर जाने के लिए सिवनी एयरपोर्ट की ओर रवाना हो गए। उनका काफिला महामार्ग पर पहुंच गया लेकिन पुनिल की टीम और एंबुलेंस कृषि विश्वविद्यालय में ही रह गए थे। जब इसका खुलासा हुआ तो हड़कंप मच गया।
दूसरी बार हुई अकोला में गलती
बताया जा रहा है कि फडणवीस के काफिले में ऐसी गलती पहले भी एक बार हो चुकी है। रविवार के कार्यक्रम में फडणवीस के साथ बीजेपी सांसद अनूप धोत्रे सहित जिले के सभी बीजेपी विधायक भी मौजूद रहे। हालांकि बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले अस्वस्थ होने की वजह से नहीं आए।
गौरतलब है कि बीड दौरे के दौरान कुछ शिवसेना (यूबीटी) कार्यकर्ताओं ने राज ठाकरे का काफिला रोकने की कोशिश की थी और सुपारी से हमला किया था। इसके जवाब में मनसे कार्यकर्ताओं ने शनिवार को उद्धव ठाकरे के काफिले पर हमला बोल दिया। मनसे ने काफिले पर नारियल, गोबर, टमाटर और पानी के से भरे गुब्बारों से हमला किया। इन घटनाओं से राज्य में राजनितिक माहौल और भी बिगड़ गया है।





